- उज्जैन में ‘स्कूल चलें हम’ अभियान की शुरुआत: तिलक लगाकर बच्चों का हुआ स्वागत, प्रवेश उत्सव में बांटी किताबें और साइकिल; कलेक्टर सहित अधिकारी पहुंचे स्कूल
- महाकाल के दरबार में बॉलीवुड सितारे: अक्षय कुमार, टाइगर श्रॉफ और डिंपल कपाड़िया ने किए दर्शन, नंदी के कान में कही मनोकामना
- वीरभद्र के कान में स्वस्ति वाचन के साथ शुरू हुई भस्म आरती: पंचामृत अभिषेक और भस्म अर्पण से साकार हुए महाकाल, बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालु!
- उज्जैन में महावीर जयंती पर भव्य शोभायात्रा: हजारों श्रद्धालु हुए शामिल, गूंजे ‘वीर प्रभु महावीर’ के जयकारे
- शेषनाग मुकुट और मोगरे के फूलों से सजे बाबा, भस्म आरती में दिखा दिव्य और अलौकिक स्वरूप
उज्जैन शहर के नागरिकों ने बनाया स्वच्छता की रैंकिंग में नंबर वन
उज्जैन।स्वच्छता सर्वे में शहर को स्वच्छता की रैंकिंग में नंबर वन बनाने में नागरिकों के फीडबैक का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। अब सभी की जिम्मेदारी है कि 2022 में शहर को इंदौर की प्रतिस्पर्धा में खड़ा किया जा सकें। स्वच्छता सर्वे 2021 में उज्जैन को दो अवार्ड मिले है।
स्वच्छता सर्वे में देश के 4320 शहरों के बीच हुए स्वच्छता सर्वे में शहर ने छलांग लगाते हुए नंबर एक की ओर कदम बढ़ा दिए हैं। इस दिशा में सबसे बड़ा योगदान शहर के नागरिकों का है। स्वच्छता रैंकिंग में शहर को देश में पहला स्थान नागरिक फीडबैक में ही मिला है। देश के बाकी शहरों में नागरिकों की भागीदारी हमसे कम रही। शहर के नागरिकों ने सिटीजन फीडबैक में शहर को देश में एक नंबर पर ला दिया।
शहर के 93.83 फीसदी नागरिकों ने स्वच्छता सर्वे के दौरान पूछे गए 7 सवालों के सही जवाब दिए। इन सात सवालों में शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर नागरिकों की संतुष्टि जानी गई थी। हमारे नागरिकों ने स्वच्छता टीम को जो जवाब दिए उसके आधार पर शहर देश में इस कैटेगरी में देश में अव्वल हो गया। देश के 4320 शहरों के बीच हुए स्वच्छता सर्वे में शहर ने छलांग लगाते हुए नंबर एक की ओर कदम बढ़ा दिए हैं।नागरिकों ने स्वच्छता टीम के सवालों के जवाब ही सही नहीं दिए, बल्कि स्वच्छता के मापदंडों को भी पूरी तरह अपनाया। इसमें सूखा, गीला कचरा अलग रखने, सड़कों पर कचरा नहीं डालने, कचरे से खाद बनाने में सबसे ज्यादा भागीदारी निभाई। ओवर ऑल रैंकिंग में शहर ने पूरे भारत में 10वां स्थान पाया है।
नई कैटेगरी में आईटी पर काम, सर्वे
स्वच्छता सर्वे 2022 में आईटी इनिशिएटिव कैटेगरी को आगामी सर्वे में शामिल किया गया है। नगर निगम कचरा संग्रहण वाहनों को जीपीएस से मॉनीटर कर रहा हैं। अब अन्य वाहनों को भी ऑटो मोड में लाना होगा। इसमें ट्रेंचिंग ग्राउंड पर लोडिंग-अनलोडिंग, सेग्रीगेशन प्रोसेस की प्रक्रिया को भी आईटी से जोड़ा जाएगा।
नंबर वन के लिए यह करना होगा–
सफाई व्यवस्था सुधारने में रचनात्मक भागीदारी करें।
कम से कम कचरा उत्पन्न करें, गीला-सूखा कचरा अलग रखें।
धर्मस्थल, दर्शनीय स्थल, सार्वजनिक स्थल पर कचरा न डालें।
निगम कचरे को ज्यादा से ज्यादा रिसाइकिल करे।